समंदर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समंदर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 30 अगस्त 2013

अँधेरे में कविता - १








उसने पूछा 

अब कविता नही लिखते?
मैंने सोचा 
ये शहर बहुत छोटा हैं 
और दुनिया बहुत बड़ी. 

उसने पूछा 
यूं ही चुप रहोगे ?
मैंने कहा 
प्रेम बहुत निजी हैं 
बाकी सब सामाजिक.

उसने पुछा 
क्या दुनिया सचमुच गोल हैं?
मैंने देखा 
दिन जल्दी बीत गया 
शाम ढल आयी हैं.

उसने पूछा 
हुआ क्या हैं?
मुझे लगा 
यहाँ जो भी न्यायाधीश नहीं हैं 
वो कठघरे में खड़ा हैं.

उसने शायद कहा ...
प्रेम..... .............?
जाने से पहले आखिरी बार 
मैंने उसकी आँखों में देखा.

~~~~~~

"वजह की तलाश में
बेवजह भटकते-भटकते 
खो मत जाना 
खयालो के उस बियाबान में 
जहाँ होता हैं 
इतना नीरव अन्धकार 
कि नहीं सूझता 
हाथ को हाथ
बुद्धि को तर्क 
और ह्रदय को प्रेम"

~~~~~~

शाम ठहर गयी
सब एक-दम शांत था 


वो दोनों अब समंदर को देख रहे थे 
बूझने की कोशिश मे 
कि ये सैलाब के बाद का सन्नाटा हैं 
या तूफ़ान से पहले की खामोशी ....... 







*चित्र हलें कोत्तले और डेन वर्नर के 

शनिवार, 16 मार्च 2013

कुछ .. डायरी से ..


नदियाँ  समंदर की तिश्नगी को तृप्त करने की कोशिश करती हैं या धरती के उस हिस्से की प्यास को जिसे समंदर भी नहीं बुझा पाया ?
कोई नहीं जानता.
नदी प्रश्न और उत्तर की ज़बान नही बोलती. वो केवल आमंत्रण की भाषा जानती है.
पानी का आमंत्रण अमर होता है. आमंत्रित के स्वीकार/अस्वीकार से स्वतंत्र. स्वायत्त, शाश्वत और अमर.
प्रेम पानी सा होता है. समुन्द्र के पानी सा. पानी जिसमे उतर आता है नीला आसमान. और जिसमे समाता सा लगता है क्षितिज.
वैसे हमारा क्षितिज किसी और का आसमान होता है.
क्षितिज सौंदर्य की सबसे मुखर उपस्तिथियो और सटीक अभिव्यक्तियों  में से एक है (- कविता, चाँद,  मुस्कान और मटर के दाने के जैसे ).
सौंदर्य अनैतिक होने के लिए अभिशप्त है.
नैतिक समाज में सौंदर्य अप्राप्त्य रहेगा.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
मैंने कभी कुछ नहीं रचा. या जो रचा वो इतना मूल्यहीन है की उसे डिसओन करना चाहता हूँ. हाँ - थोडा कुछ है जो समेटा है या समेटने की कोशिश की है. वही मूल्यवान है. यह कुछ ख़ुशी भी देता है और इक टीस भी - टीस - कि कितना कुछ था जो समेट न सका... सहेज ना पाया - खो दिया. शायद हमेशा के लिए.

इस टीस और इतिहास से मेरे प्रेम में कुछ गहरा सम्बन्ध है.